Friday , January 18 2019

सांसद मुकेश राजपूत की अध्यक्षता में बिजली समिति की बैठक

भ्रष्टाचार पर नो टालरेंस का वादा करने वाली सरकार को फर्रुखाबाद के बिजली अधिकारीयों ने ठेंगा दिखा दिया है. बीजेपी ने जनसंघ संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना (DDUGJY) की शुरुआत की थी. बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस योजना के तहत जमकर भ्रष्टाचार किया है. इस योजना के तहत बिजलीकरण के लिए अधिकारियों ने 196 गावों की जो लिस्ट तैयार की थी, उनमें से 101 गांव तो नक्शे पर मौजूद ही नहीं हैं. इसके बावजूद, अधिकारियों ने इस योजना के लिए स्वीकृत 7.32 करोड़ खर्च करने में कोई परहेज नहीं किया. मामले का खुलासा होने के बाद अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं. इस स्कैम को लेकर बीजेपी के नेता पूर्व सपा सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं.

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सांसद मुकेश राजपूत की अध्यक्षता में बिजली समिति की बैठक
लगभग एक साल बाद जनपद बिजली समिति की बैठक बुलाई गई थी. जिलाधिकारी मोनिका रानी की उपस्थिति  में सांसद मुकेश राजपूत बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. बैठक की कार्रवाई शुरू हुई तो भ्रष्टाचार की परतें उघरती चली गईं. बिजली विभाग के अधिकारियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर शुरू हुई योजना को भी बट्टा लगाने से नहीं बख्शा. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना (DDUGJY) के तहत 100 से कम आबादी 196 गांवों की लिस्ट तैयार की गई. इन गांवों में बिजलीकरण के लिए 7.32 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया.

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101 गांव नक्शे पर ही नहीं
सर्वे का काम जिस कंपनी को मिला था, सर्वे के दौरान उसने पाया कि ज्यादातर गांव तो नक्शे पर मौजूद ही नहीं हैं. 196 में से 101 गांव नहीं मिले, 28 ऐसे गांव थे जहां पहले से बिजली मौजूद है. बाकी के 67 गावों में बिजलीकरण का काम होना बाकी है. रिपोर्ट में कहा गया कि अगर 196 गांवों की जगह केवल 67 गांवों में बिजलीकरण का काम किया जाना है तो बजट क्यों नहीं घटाया गया? सांसद के सवाल पूछे जाने पर सभी अधिकारी चुप हो गए. हालांकि, सुपरीटेंडेंट इंजीनियर ने कहा कि यह लिस्ट आगरा, MD कार्यालय से भेजी गई थी.

भ्रष्टाचार को लेकर जब मीडिया ने सांसद मुकेश राजपूत से पूछा तो उन्होंने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत 196 गांवों का चयन 2014-15 में चयन हुआ था, और उस समय सपा की सरकार थी. बीजेपी सांसद मीडिया को यह समझाने की कोशिश कर रहे थे कि सपा सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना की शुरुआत की थी. खैर सपा का दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर योजना की शुरुआत करना किसी को हजम नहीं हो पा रहा है.

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