Friday , August 17 2018
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सुप्रीम न्यायालय में तीसरी बार रात में लगा सुप्रीम कोर्ट

 कर्नाटक में भाजपा के मुख्‍यमंत्री के तौर पर बीएस येदियुरप्‍पा के शपथग्रहण को रोकने के लिए कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम न्यायालय में बुधवार रात ही याचिका दाखिल की थी सुप्रीम न्यायालय ने भी आननफानन में रात में ही मामले की सुनवाई करने का निर्णय किया इसके बाद रात भर चली सुनवाई के बाद शीर्ष न्यायालय ने येदियुरप्‍पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से मनाकर दिया इससे पहले भी कुछ मामलों में सुप्रीम न्यायालय में रात में सुनवाई हुई थी मामला मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट से जुड़ा था ब्‍लास्‍ट के गुनहगार याकूब मेमन की अंतिम याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम न्यायालय में 30 जुलाई 2015 गुरुवार तड़के 3 बजे 3 सदस्यीय पीठ बैठी थी इस असाधारण सुनवाई में न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति पीसी पंत  न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की पीठ ने याकूब की फांसी के लिए निर्धारित वक्त को टालने से मना कर दिया था

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एक  मामले में हुई थी रात में सुनवाई
1989 में उद्योगपति ललित मोहन थापर के केस में भी रात में सुनवाई करने का निर्णय लिया गया था उस समय हिंदुस्तान के मुख्‍य न्‍यायाधीश रहे ईएस वेंकटरमैया ने अपने आवास पर ही मामले की सुनवाई की थी  थापर को बेल प्रदान की थी मनीलाइफ में आईएएएनएस के हवाले से छपी समाचार के मुताबिक सुप्रीम न्यायालय बार एसोसिएशन के पूर्व अध्‍यक्ष एमएन कृष्‍णमणि  अन्‍य लोगों ने इस कदम का स्‍वागत किया था

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क्‍यों पड़ी रात में सुनवाई की जरूरत
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव में किसी दल को स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं मिला है कांग्रेस-जेडीएस ने मिलकर 118 विधायकों का समर्थन हासिल होने का दावा किया है जबकि भाजपा को 104 विधायकों का समर्थन है बहुमत के लिए किसी भी दल को गवर्नमेंट बनाने के लिए 111 विधायकों का समर्थन चाहिए गर्वनर ने बुधवार रात येदियुरप्‍पा को गवर्नमेंट बनाने का न्‍योता भेजा थाइसके बाद कांग्रेस पार्टी ने तत्‍काल सुप्रीम न्यायालय में याचिका डाली  येदियुरप्‍पा के शपथ ग्रहण को रोकने की अपील की सुप्रीम न्यायालय ने हालांकि शपथ ग्रहण रोकने से मना कर दिया मामले अभी न्यायालय में लंबित है

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