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विराट कोहली के दस साल पुराने इंटरव्यू से हुआ खुलासा

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नई दिल्ली: विराट कोहली को आज दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार किया जाता है, लेकिन आज से 10 साल पहले जब विराट ने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था। उस वक्त वो कोई बड़ा नाम नहीं थे दिल्ली की क्रिकेट सर्किट में विराट की जूनियर क्रिकेट में अच्छी पहचान थी। ऐसे में 2007 के विश्वकप से पहले विराट कोहली ने दिल्ली के जर्नलिज्म का कोर्स कराने वाले भारतीय विद्या भवन के एक कॉलेज स्टुडेंट को उनके प्रोजेक्ट वर्क के लिए इंटरव्यू दिया था। हालांकि विराट को उस इंटरव्यू में नहीं आना था दिल्ली रणजी टीम के दो सीनियर खिलाड़ियों को इसके लिए आमंत्रित किया गया था, जब सीनियर खिलाड़ी नहीं आए तो विराट कोहली का इंटरव्यू उन्हें मिल गया।

विराट का इंटरव्यू लेने वाले अमित भाटिया ने कहा कि विराट का हम इंटरव्यू ही नहीं करना चाहते थे लेकिन जब सीनियर खिलाड़ी नहीं पहुंचे तो हमें उनका इंटरव्यू करना ही पड़ा। लेकिन जिनकी मदद से ये दोनों खिलाड़ी आए थे उन्होंने ये भी कहा था कि आने वाले समय में इन दो खिलाड़ियों का बड़ा नाम होगा। उन्होंने उस घटना को याद करते हुए कहा कि उस वक्त विराट तब बहुत शर्मीले हुआ करते थे। इंटरव्यू से पहले उन्होंने कहा था कि मैं क्या कहूंगा। लेकिन बाद में उन्होंने अच्छा इंटरव्यू दिया।

यह संभवतः विराट का यह उपलब्ध पहला इंटरव्यू है। जिसे देखकर उनके क्रिकेटिंग माइंड का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उम्र के उस पड़ाव पर भी उनकी क्रिकेट को लेकर समझ कितनी परिपक्व थी। आज की तरह वह उस वक्त भी केवल टीम और जीत के बारे में सोचा करते थे।

कागज पर बेहद मजबूत है टीम इंडिया 

इस इंटरव्यू में जब विराट से  टीम इंडिया की 2007 विश्वकप में जीत की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हमारी टीम काफी टैलेंटेड है। हमारी बैटिंग लाइनअप को ऑन पेपर दुनिया में सबसे अच्छा माना जाता है लेकिन मैटर ये करता है कि ऑन फील्ड वो कैसा प्रदर्शन करते हैं। हमारी बॉलिंग लाइनअप भी अच्छी हैं। हमारे पास काफी अच्छे गेंदबाज हैं। नया टैलेंट है मुनाफ, जहीर, श्रीसंत सारे यंग हैं और उन्हें पर्याप्त अनुभव भी मिल चुका है। तो काफी संभावनाएं हैं भारतीय टीम के जीतने की।

टीम के रूप में खेलने पर मिलेगी जीत 

जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम संतुलित है तो विराट ने कहा कि इसी का ध्यान रखते हुए टीम भेजी गई है। मैटर ये करेगा कि मैदान में कैसे एकजुट होते हैं और एक यूनिट की तरह प्रदर्शन करते हैं।

सहवाग को ऑउट ऑफ फॉर्म होने के बावजूद उन्हें विश्वकप की टीम में शामिल किए जाने के निर्णय के बारे में विराट से पूछा गया तो विराट ने कहा, कि द्रविड़ के लिहाज से सहवाग को टीम में शामिल करना सही है। विश्वकप एक बड़ा टूर्नामेंट है। वहां पर आपको अनुभव चाहिए। मेरे हिसाब से ये ठीक निर्णय है क्योंकि वो बहुत अनुभवी हैं और मैच विनर हैं। इंडिया के लिए वो बहुत से रन बनाए हैं और कई मैच जिताए हैं।

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टीम के अंदर की बातें बाहर नहीं आनी चाहिए 

जब कोहली से ये सवाल पूछा गया कि तत्कालीन मुख्यचयनकर्ता दिलीप वेंसरकर ने बयान दिया कि सहवाह को द्रविड़ की जिद पर टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में क्या खराब फॉर्म में चल रहे सहवाग के मनोबल पर असर पड़गा। और क्या एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसा बयान देना चाहिए तो विराट ने कहा कि ऐसी चीजें उन्हें टीवी पर डिस्क्लोज नहीं करनी चाहिए थी। इससे सहवाग के मनोबल पर थोड़ा असर पड़ेगा। क्योंकि वो ऐसे ही पहले से डाउन चल रहे थे। इसके बाद विराट ने कहा कि यदि टीम इंडिया विश्वकप जीतती है तो उसमें सहवाद की भूमिका अहम होगी। सहवाग ने जब रन बनाए हैं तब टीम इंडिया जीती है।

जब विराट से ये पूछा गया कि अंतिम एकादश में श्रीसंत को रखा जाए या पठान को तो विराट ने कहा कि भारत को पठान को मौका देना चाहिए क्योंकि वो बतौर ऑलराउंडर टीम इंडिया के काम आएंगे। वो बैटिंग तो अच्छी करते हैं और उनसे वन चेंज गेंदबाज के रूप में बॉलिंग कराएं और वो 10 ओवर निकाल दें तो ये टीम इंडिया के लिए अच्छा होगा।

टीम इंडिया नहीं डिफेंड कर पाती है स्कोर 

जब विराट से टीम में एक अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाने की बात पूछी गई तो विराट ने कहा कि आपने देखा है कि टीम इंडिया अच्छी तरह स्कोर डिफेंड नहीं कर पाती है। बैटिंग ही भारत की ताकत है। मैं मानता हूं कि इंडिया की बैटिंग कोई भी स्कोर चेज कर सकती है।

विज्ञापनों का नहीं पड़ता खेल पर असर  

विराट से जब ये पूछा गया कि क्या विज्ञापनों का प्लेयर्स के खेल पर असर पड़ता है तो विराट ने कहा कि नहीं ऐसा नहीं हैं। विराट ने कहा कि अगर आप अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो ही ये बातें बाहर आती हैं। अगर आप जीतते रहते हैं तो कोई इस बारे में बात ही नहीं करेगा।

क्या मीडिया जरूरत से ज्यादा दबाव डालता है तो विराट ने इसके जवाब में कहा कि मीडिया का बहुत दबाव होता है चाहे जितना बड़ा प्लेयर क्यों न हो यहां तक कि सचिन पर भी मीडिया ने बहुत दबाव डाला था। मैं मानता हूं कि चाहे कितना बड़ा भी प्लेयर क्यों न हो एक जब मीडिया दबाव डालता है तो उसका असर साइकलॉजिकली पर पड़ता है।

विराट ने की थी सटीक भविष्यवाणी 

जब उनसे ये पूछा गया कि 2007 के विश्वकप में दो खिलाड़ी कौन से होंगे जो टीम को विश्वचैंपियन बनाने में अहम भूमिका अदा करेंगे। तो विराट ने युवराज सिंह और जहीर खान का नाम लिया। इन्हीं दो क्रिकेटरों ने आगे चलकर 2011 में टीम इंडिया को विश्वचैंपियन बनाने में मुख्य भूमिका अदा की।

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