Wednesday , October 18 2017

हनीप्रीत केअसली पिता के नाम का हुआ खुलासा ?

मोस्ट वांटेड बन चुकी हनीप्रीत ने दिल्ली हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी. इस याचिका में पिता के नाम के आगे उसने राम रहीम का नहीं बल्कि असली पिता प्रेमानंद तनेजा का नाम लिखा. बाबा के शरण में आने के बाद से वह उसका ही नाम लिखती थी. चाहे वह कोई संस्था की मेंबरशिप की बात हो या मुंबई के फिल्म निर्माता संघ की सदस्यता.

Image result for हनीप्रीत

दसवीं तक पढ़ी हनीप्रीत राम रहीम के रंग में पूरी तरह रंग चुकी थी. बाबा ने ही उसका नाम हनीप्रीत रख दिया. वह उसके दिल और दिमाग पर पूरी तरह छा गया था. हनीप्रीत ने जल्द ही डेरा सच्चा सौदा में नंबर दो की हैसियत हासिल कर ली. हनीप्रीत एक कठपुतली की तरह बाबा के इर्द-गिर्द घूमती और जो बाबा कहता वह उसके लिए कोर्ट के आदेश जैसा होता.

कुछ ही दिनों में बाबा हनीप्रीत का कायल बन गया था. राम रहीम के कई बड़े राज हनीप्रीत को मालूम हो गए. इसी वजह से बाबा को हनीप्रीत के दूर जाने का डर सताने लगा. सूत्रों की माने तो बाबा ने हनीप्रीत पर पहरा तक बिठा दिया था. हनीप्रीत को उसके परिवार से भी दूर रखा जाता था. इसके लिए बाबा ने अपने पहरेदार उसके इर्द-गिर्द फैलाए हुए थे.

loading...

हालांकि, बाबा के साथ नाम जुड़ने से हनीप्रीत के परिवार की काफी बदनामी हुई है. इसके बाद पूरा तनेजा परिवार तनाव में आ गया है. हनीप्रीत के परिजन चाहते हैं कि हनीप्रीत सरेंडर कर पुलिस की कानूनी कार्रवाई में मदद करें. वहीं उसके मामा अशोक बब्बर ने कहा कि उन्हें हनीप्रीत और राम रहीम के रिश्ते का सच जानकर बेहद अचंभा हुआ है.

अशोक ने बताया की उनकी गोद में खेली हनीप्रीत का ऐसा रूप देखना दुखद है. अशोक को हनीप्रीत से मिले लगभग 17-18 साल हो गए हैं. हालांकि, उसके माता-पिता से अशोक मिलते रहते थे. हनीप्रीत के माता-पिता भी सिरसा डेरे में ही रहते थे. कई दिनों से वो दोनों भी गायब हैं. फिलहाल अशोक ने हनीप्रीत से अपील की है कि वह अपने आप को पुलिस के हवाले कर दे.

loading...