Wednesday , October 18 2017

मोबाइल की लाइट में हो रही डिलीवरी

उत्तराखंड के खस्ता हालत किसी से छुपी नहीं है. राजधानी के जिस सबसे बड़े सरकारी अस्पताल को राज्य के दूसरे अस्पतालों के लिए मिसाल होना चाहिए वह इनकी बदहाली का प्रतीक बना हुआ है. हम बात कर रहे हैं दून अस्पताल की जिसमें गुरुवार को बिजली क्या गायब हुई गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के लिए मोबाइल की लाइट का टॉर्च की तरह इस्तेमाल करना पड़ा.

दून अस्पताल में बुधवार रात करीब आठ बजे बिजली गुल हो गई. इसके बाद रात को जनरेटर चलाया गया लेकिन सुबह इसे बंद कर दिया गया. अस्पताल सूत्रों के अनुसार सुबह यह कहकर जनरेटर बंद कर दिया गया कि बहुत ज़्यादा चल चुका है.

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गुरुवार को 7-8 ऑपरेशन किए जाने तय थे लेकिन बिजली न होने की वजह से इन्हें टाल दिया गया. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने सभी को अलग-अलग वजह बताकर ऑपरेशन को टाला, किसी को भी बिजली न होने की बात नहीं कही गई.

जिन महिलाओं की डिलीवरी नॉर्मल हो सकती थी उनकी तो अंधेरे में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में करवाई गई. लेकिन बाकी गर्भवती महिलाओ का क्या हुआ, जिन्हें सिजेरियन डिलीवरी की आज ही ज़रूरत थी? इस बारे में अस्पताल प्रशासन कुछ कहने को तैयार नहीं है
लगभग 24 घंटे बाद तक अस्पताल प्रशासन बिजली शुरू करने का कोई इंतज़ाम नहीं कर पाया था.

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