Wednesday , May 22 2019
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जानिए संस्कृति पाठशाला में बच्‍चों को सिखाया जायेगा ये…

विकास के साथ ही हम भले ही डिजिटल युग में बढ़ रहे हों, लेकिन संस्कारों की कमी अभिभावकों की नींद उड़ाए हुए है. कांवेंट स्कूल में बच्‍चों को अंग्रेजी एजुकेशन की बढ़ी होड़ इस चिंता में  इजाफा कर रही है.

पढ़ाई के साथ बच्‍चों को अपनी संस्कृति  संस्कार की जानकारी हो इसके लिए प्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है.राजधानी समेत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों मेें बच्‍चों को संस्कार देने के लिए निःशुल्क पाठशालाएं खोली जाएंगी.

उप्र संस्कृत संस्थानम् की ओर से जिले स्तर पर संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र खोलने की तैयारी के बीच अब हर ग्राम पंचायत में बच्‍चों के लिए संस्कार की पाठशाला खोलने की कवायद प्रारम्भ हो गई है.बच्‍चोंकी पाठशाला में कक्षा पांच के नीचे पढ़ने वाले बच्‍चों को संस्कृत भाषा में मंत्रोच्‍चारण के साथ ही नैतिक एजुकेशन  संस्कारों के बारे में पढ़ाया जाएगा. प्रातः काल उठने पर माता-पिता का चरण स्पर्श करना, भूमि मां को प्रणाम करना, अन्न  फलों की जानकारी के साथ ही संस्कृत में श्लोकों को सिखाने  उनके महत्व के बारे में भी बच्‍चों को बताया जाएगा.

इंटर पास छात्राएं होंगी प्रशिक्षक

खुलने वाले केंद्रों में गांव की रहने वाली इंटर पास छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. उसकी ग्राम पंचायत में रहकर छात्राएं पंचायत भवन, ग्रामीण सचिवालय या फिर मंदिर जैसी की भी सार्वजनिक स्थल पर छात्राएं केन्द्र चलाएंगी. करीब दो घंटे की कक्षा का समय बच्‍चोंकी सुविधा और मुख्य पढ़ाई के समय को ध्यान में रखकर निर्धारित किया जाएगा.

अंतिम दौर में पहुंचा प्रशिक्षण

उप्र संस्कृत संस्थानम् की ओर से प्रदेश के सभी 817 ब्लॉकों  58,909 ग्राम पंचायतों की इंटर पास छात्राओं से आवेदन मांगे गए थे. जिला मुख्यालय या तहसील स्तर पर छात्राओं को प्रशिक्षण देने का काम अंतिम दौर में पहुंच गया है. चुनाव आचार संहिता के समाप्ति के साथ ही प्रशिक्षण पूरा किया जाएगा.

उप्र संस्कृत संस्थानम् अध्यक्ष डॉ वाचस्पति मिश्र ने बताय क‍ि प्रदेश सरकार की पहल पर उप्र संस्कृत संस्थानम् की ओर से सभी ग्राम पंचायतों में पाठशालाएं खोली जाएंगी. यहां बच्‍चों को संस्कृत के ज्ञान के साथ ही नैतिक संस्कारों के बारे में बताया जाएगा. बच्‍चों को केन्द्र में लाने  पढ़ाने के लिए उस गांव की इंटर पास छात्रा को अहमियत दी जाएगी. जुलाई से पाठशाला की आरंभ होने की आसार है.