Saturday , February 16 2019

प्रेग्नेंसी के दौरान ना करे इसका सेवन

अखिल इंडियन आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के नए अध्ययन के मुताबिक प्रेग्नेंसी के शुरुआती कुछ हफ्ते में धूम्रपान, शराब पीने, चूल्हे से निकलने वाले धुएं के बीच सांस लेने या परोक्ष धूम्रपान, ज्यादा दवाएं लेने एवं विकिरण की चपेट में आने  पोषण संबंधी कमियां होने से नवजात के चेहरे में जन्मजात विकृतियां हो सकती हैं अध्ययन के मुताबिक, इनके कारण होंठ कटे हो सकते हैं या तालू में कोई विकृति हो सकती है

कटे हुए होंठों से बच्चे को बोलने  खाना चबाने में दिक्कत आती है इससे दांत भी बेतरतीब हो जाते हैं, जबड़े से उनका तालमेल बिठाने में दिक्कत पेश आती है  चेहरे की आकृति बिगड़ी नजर आती है एक अनुमान के मुताबिक, एशिया में प्रति 1,000 या इससे ज्यादा नवजात में से करीब 1.7 प्रतिशत के होंठ कटे होते हैं या तालू में विकृति होती है हिंदुस्तान में इससे जुड़े आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन राष्ट्र के अलग-अलग हिस्से में हुए कई अध्ययन बताते हैं कि होंठ कटे होने के कई मामले सामने आते रहे हैं अनुमान हैं कि हिंदुस्तान में हर वर्ष करीब 35,000 ऐसे नए मामले सामने आते हैं

एम्स के दंत चिकित्सा एजुकेशन एवं अनुसंधान (सीडीईआर) ने 2010 में इस अध्ययन की आरंभ की जिसे तीन चरणों- प्री पायलट, पायलट  मल्टी सेंट्रिक में पूरा किया जा रहा हैअभी नयी दिल्ली, हैदराबाद, लखनऊ  गुवाहाटी में मल्टी सेंट्रिक चरण चल रहा है पायलट चरण में दिल्ली के एम्स, सफदरजंग अस्पताल  गुड़गांव के मेदांता मेडिसिटी में यह अध्ययन हुआ

इस परियोजना के प्रमुख शोधकर्ता एवं सीडीईआर के प्रमुख ओपी खरबंदा ने कहा, ‘मकसद यह था कि मरीजों के दस्तावेज इकट्ठा करने की प्रक्रिया में एकरूपता हो ‘ उन्होंने कहा, ”इससे खुलासा हुआ कि इस विकृति से जूझ रहे मरीजों को उपचार की तत्काल आवश्यकता होती है  इसके लिए गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान की व्यवस्था में सुधार की रणनीति बनाने की आवश्यकता है ”