Tuesday , April 23 2019

गुर्जर नेता बैंसला को यह बात को समझना चाहिए

राजस्थान में गुर्जर आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन पर सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को बोला है कि पिछली बार भी उनकी ज्यादातर मांगे राज्य गवर्नमेंटद्वारा मानी गई थी. इस बार भी उनसे चर्चा करने के लिए तीन मंत्रियों की समिति बना दी गई है. किन्तु गुर्जर समुदाय ने जो मांगे रखी हैं, उनका ताल्लुक केंद्र गवर्नमेंट से है.

गहलोत ने बोला है कि, ” पिछली बार 5% आरक्षण की मांग को विधानसभा में पारित कर लागू करने की प्रयास की गई थी. किन्तु उच्च कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी थी. अब जो गुर्जर समाज की मांग है उसे संविधान में संशोधन करके ही पूरा किया जा सकता है, गुर्जर नेता बैंसला को यह बात समझना चाहिए. इसलिए उनका आंदोलन करना मेरी समझ से परे है.

गहलोत ने यह भी बोला है कि, ”गुर्जर समुदाय को अपनी मांगों के लिए पीएम मोदी  गृहमंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन देना चाहिए. राज्य में कानून व्यवस्था को बेकार करना सही नहीं है.” राज्य गवर्नमेंट के प्रतिनिधिमंडल के साथ गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधियों की वार्ता में समिति की तरफ से एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर चर्चा करने की बात कही गई थी. इस दौरान राजधानी जयपुर में आकर गवर्नमेंट के प्रतिनिधियों से वार्ता का आग्रह आंदोलनकारियों ने ठुकरा दिया है. उनका कहना था कि वार्ता धरना स्थल पर ही होगी.