Tuesday , April 23 2019

यही सबसे बड़ा फर्क है हिमाचल व उत्तराखंड में जाने कैसे…

मीडिया की समाचार का एक बार फिर बड़ा प्रभाव हुआ है पिछले 9 दिनों से लोखंडी में फंसे पर्यटकों की प्रशासन ने सकुशसल रेस्क्यू कर लिया है पिछले 9 दिनों से पर्यटक देहरादून से करीब 100 किमी चकराता एरिया में लोखंडी में रुके हुए थे चार मशीनों ने लोखंडी तक सड़क खोल दी है एसडीआरएफ, लोकल पुलिस  जिला प्रशासन की टीम ने पर्यटकों को लोखंडी से रेस्क्यू किया आपको बताते चले कि चकराता में पिछले 9 दिनों से फंसे पर्यटकों ने अपना वीडियो वायरल किया था  अपनी मुश्किलों की जानकारी दी थी 20 जनवरी को चकराता से 20 किमी आगे लोखंडी में दिल्ली से आए 4 पर्यटक फंसे हुए थे अब लोखंडी तक सड़क खोल दी गई है  Image result for यही सबसे बड़ा फर्क है हिमाचल व उत्तराखंड में जाने कैसे...

स्थानीय लोगों की पर्यटकों ने की तारीफ
पर्यटकों को लोकल प्रशासन के प्रति जमकर नाराजगी जाहीर की उन्होंने बोला कि जब हम 20 तारीख को यहां पहुंचे 21-22 जनवरी को भारी बर्फबारी के बाद फंस गए तो 23 जनवरी से लगातार लोकल पुलिस  प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे थे लेकिन मदद नहीं हो सकी उसके बाद मजबूरी में वीडियो बनाया  उसे कई स्थान भेज दिया तब जाकर लोकल प्रशासन को मदद के लिए जेसीबी मशीने भेजनी पड़ी हालांकि, उन्होंने लोकल लोगों की जमकर तारीफ की पर्यटकों ने बोला कि वह जिस होटल में रुके थे  होटल के पास स्थित लोहारी गांव के ग्रामीणों ने उनकी बहुत ज्यादा मदद की  उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नही होने दी

दिल्ली से आये पर्यटकों ने बोला कि हिमाचल में भी हर वर्ष बहुत ज्यादा बर्फबारी होती है  वे कई बार वहां गए लेकिन सड़के बर्फबारी के इतने समय तक बंद नहीं होती उत्तराखंड में यह बड़ी समस्या हूं अभी चकराता एरिया के करीब 45 गांवों की हजारों आबादी बर्फबारी से अलग-थलग हैं प्रशासन ने भले ही दिल्ली से आए 4 पर्यटकों का रेस्क्यू कर लिया हो लेकिन अभी भी इस पूरे एरिया में भारी बर्फबारी के बाद जिंदगी बर्फ में कैद है चकराता एसडीएम ने बोला कि लोखंडी से आगे भी चकराता त्यूणी हाईवे को खोलने का काम जारी रहेगालोखंडी के पास लोहरी गांव निवासी विक्रम राणा ने बोला कि लोकल लोगों की भी अपनी समस्याएं है जिसे प्रशासन को हल करना चाहिए

लोखंडी निवासी बीएस राणा ने बोला कि पिछले दिनों रोड बंद होने के कारण एक 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी एरिया में बिजली, पानी, संचार  आवागमन ठप होने से दिक्कते बढ़ रही है खासकर लोखंडी के आगे दर्जनों गांवोंमें अभी तक प्रशासन की कोई टीम नहीं पहुंची

15 वर्षों का बर्फबारी के रिकॉर्ड इस बार टूटा
देहरादून के चकराता, त्यूणी, लोखंडी, कोटी कानासर, बुधेर एरिया में करीब 15 वर्षों के बाद इतनी बर्फबारी हुई है चकराता  त्यूणी तहसील के करीब 45 से अधिक गांव बर्फ की आगोश में है ग्रामीणों को भी इसका अंदाजा नहीं था इसलिए कई इलाकों में दिक्कते बढ़ गई है