Friday , January 18 2019

पुस्तक मेले में पहुंचे इतने हजार पाठक हुआ ये…

मुझे बांग्लादेशी हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में आवाज उठाने पर मेरे राष्ट्र बांग्लादेश से ही बाहर निकाल दिया गया. इन्सानियत विरोधी नीतियों के विरूद्ध लिखने के कारण मैं आज भी अपने राष्ट्र नहीं जा सकती. मुझे यूरोप  अमेरिका की नागरिकता भी प्राप्त है, हिंदुस्तान से मेरी भावनाएं जुड़ी हैं. इसलिए हिंदुस्तान में रहना  जीना बांग्लादेश से सरल है.पुस्तक मेले में अपनी पुस्तक ‘बेशरम’ के लोकार्पण के मौके पर बांग्लादेशी-स्वीडिश लेखिका तसलीमा नसरीन ने ये शब्द कहे.Image result for पुस्तक मेले में पहुंचे 35 हजार पाठक हुआ ये...

पुस्तक मेले में राजकमल प्रकाशन पर तसलीमा नसरीन की पुस्तक ‘बेशरम’ का विमोचन हुआ. इस मौके पर नसरीन खुद पहुंचीं  पाठकों से रूबरू हुईं. उन्होंने पाठकों से बात करते हुए बोला कि बेशरम मेरे उपन्यास लज्जा की दूसरी कड़ी है. इसमें भी बांग्लादेशी हिंदुओं के दुख, प्रेम  कठिनाई को दर्शाया गया है. इस पुस्तक को उन्होंने बांग्ला भाषा में लिखा था, जिसका अनुवाद उत्पल बैनर्जी द्वारा किया गया है.

उन्होंने बोला कि जो लोग बांग्लादेश छोड़कर हिंदुस्तान में वापस आए, अगर वे चाहें तो वापस बांग्लादेश जा सकते हैं क्योंकि उन लोगों की यादें वहां से जुड़ी हुई हैं, लेकिन मैं बांग्लादेश कभी वापस नहीं जा सकती क्योंकि मैने लज्जा जैसे उपन्यास लिखे हैं. मुझे राष्ट्र छोड़ने को मजबूर किया गया था. बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो भी घटित होता है उसके विरोध में मैं हमेशा लिखती हूं. इस मौके पर राजकमल प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी भी मौजूद थे.

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पुस्तक मेले में शनिवार को पाठकों की भारी भीड़ उमड़ने के कारण आईटीपीओ के डीआईजी सिक्योरिटी अजय वशिष्ठ ने पाठकों के बीच जाकर भीड़ पर नियंत्रण किया. उन्होंने लाउड स्पीकर पर पाठकों को आगे बढ़ने के आदेश दिए. उन्होंने बताया कि शनिवार को पुस्तक मेले में 35 हजार पाठकों की भीड़ पहुंची, जिस कारण व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा टीमों द्वारा कई हॉल के कुछ गेट प्रवेश के लिए बंद कर दिए.

महिलाओं के लिए फ्री सेफ्टी नैपकिन

पुस्तक मेले में सीएसआर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के योगदान से स्त्रियों के लिए फ्री सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए. इन सेनेटरी नैपकिन के वितरण के लिए वेंडिंग मशीन लगाई गई. फाउंडेशन के अध्यक्ष दीनदयाल अग्रवाल ने बताया कि मिशन एएए के माध्यम से स्त्रियों की सेफ्टी के लिए यह अभियान चलाया गया है.

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