Friday , January 18 2019

पीएम रानिल विक्रमसंघे ने विदेशी मुद्रा भंडार को इस तरह दिया मदद

श्रीलंका के पीएम रानिल विक्रमसंघे ने बृहस्पतिवार को बोला कि इंडियन रिजर्व बैंक के साथ मुद्रा अदला-बदली सहायता से राष्ट्र के गिरते विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने में मदद मिलेगी विक्रमसिंघे ने संसद को बताया, ‘‘आरबीआई दक्षेस मुद्रा अदला-बदली प्रोग्राम के तहत हमारे केंद्रीय बैंक को 40 करोड़ डॉलर देने पर सहमत हुआ है वे (आरबीआई) इससे भी बड़ी राशि देने पर विचार कर रहे हैं ’’ श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने बुधवार को बोला था कि रिजर्व बैंक उसे दक्षेस मुद्रा अदला-बदली व्यवस्था के तहत उसे 40 करोड़ डॉलर देने पर सहमत हुआ हैRelated image

इसके अतिरिक्त एक अरब डॉलर की ऐसी  व्यवस्था पर भी रिजर्व बैंक विचार कर रहा है  विक्रमसिंघे ने बोला कि उनका राष्ट्र इस वर्ष 14 जनवरी को अब तक का सबसे बड़ा कर्ज भुगतान करने वाला है यह भुगतान 260 करोड़ डॉलर का होगा उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2019 में ही हमें विदेशी कर्ज की किस्त  ब्याज पर 590 करोड़ डॉलर का भुगतान करना है ’’ उन्होंने बोला कि करीब दो महीने तक चले राजनीतिक संकट का श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है विक्रमसिंघे ने कहा, ‘‘उन 51 दिनों के दौरान हमारा रुपया (श्रीलंकाई) 3.80 फीसदी गिर गया

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जब अन्य सभी मुद्राएं मजबूत हो रही थीं, हमारी मुद्रा गिर रही थी   हमारे राष्ट्र से पूंजी की निकासी हो रही थी ’’ उन्होंने बोला कि इस दौरान राष्ट्र का विदेशी मुद्रा भंडार 799.10 करोड़ डॉलर से गिरकर 698.50 करोड़ डॉलर पर आ गया राजनीतिक संकट के कारण क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों फिच रेटिंग्स, स्टैंडर्ड एंड पुअर्स  मूडीज ने श्रीलंका की स्वायत्त रेटिंग कम कर दी

विक्रमसिंघे ने बोला कि श्रीलंका की गवर्नमेंट विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिये 1.90 अरब डॉलर जुटाने की प्रक्रिया में है श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला श्रीसेना ने नीतिगत मुद्दों पर मतभेद के चलते एक नाटकीय घटनाक्रम में 26 अक्तूबर को पीएम विक्रमसिंघे को पद से हटा दिया था  महिंदा राजपक्षे को पीएम की कुसी पर बिठा दिया   इस दौरान दो महीने तक राजनीतिक उठापटक के चलते राष्ट्र में कोई कामकाजी गवर्नमेंट नहीं रह गई थी   अंत में उच्चतम कोर्ट के निर्णय के बाद श्रीसेना को विक्रमसिंघे को फिर से पीएम नियुक्त करना पड़ा

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