Friday , January 18 2019

 गवर्नमेंट ने एक बार फिर तीन तलाक बिल पर किया ये बात

मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक को दंडात्मक क्राइम घोषित करने  इसके तहत तीन वर्ष कैद की सजा के प्रावधान वाला अध्यादेश 22 जनवरी को प्रभावहीन हो जाएगा. इससे संबंधित बिल के दुबारा राज्यसभा में अटक जाने के कारण गवर्नमेंट पुन: अध्यादेश भी ला सकती है.Related image

गवर्नमेंट ने पूर्व में लोकसभा में तीन तलाक बिल पारित करवा लिया था, लेकिन सत्तारूढ़ एनडीए के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के कारण बिल अटक गया था. इस पर गवर्नमेंट ने अध्यादेश लागू कर दिया था. शीतकालीन सत्र के दौरान गवर्नमेंट ने एक बार फिर तीन तलाक बिल संसद में पेश किया जिसमें तीन तलाक पर सजा का प्रावधान शामिल किया गया. यह बिल गत 17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया  पारित भी हो गया. विपक्ष इस बिल में संशोधन की मांग पर अड़ा हुआ है. इसलिए यह बिल राज्यसभा में फिर अटक गया.

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कोई भी अध्यादेश छह माह तक लागू रह सकता है, लेकिन संसद का कोई भी सत्र लागू होने के 42 दिन के भीतर उसे विधेयक के द्वारा समाप्त करना जरूरी होता है. वरना अध्यादेश प्रभावहीन हो जाता है. सूत्रों के अनुसार तीन तलाक से संबंधित अध्यादेश दोबारा लागू किए जाने की तारीख अभी तय नहीं की गई है. यह अध्यादेश 31 जनवरी को बजट सत्र प्रारम्भहोने से एक सप्ताह पहले प्रभावहीन हो रहा है. गवर्नमेंट बजट सत्र के दौरान पुन: विधेयक भी पेश कर सकती है. यदि विधेयक राज्यसभा में पारित नहीं होता है तो पुन: अध्यादेश लागू करने के लिए फरवरी के मध्य में सत्र खत्म होने तक इंतजार करना होगा.

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