Tuesday , March 26 2019
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हिंदुस्तान की यात्रा पर आए मंत्री ने इस बारे में किया विचार

रूस ने हिंदुस्तान की अफगानिस्तान में विकास के विभिन्न प्रोग्राम चलाने के लिए तारीफ करते हुए बुधवार को बोला कि वहां हिंदुस्तान की ‘‘अत्यावश्यक’’ किरदार है युद्ध से तबाह अफगानिस्तान में हिंदुस्तान के काम को लेकर रूस के उपविदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव की टिप्पणी तब आई है जब कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में हिंदुस्तान की किरदार का मज़ाक उड़ाया था हिंदुस्तान की यात्रा पर आए मंत्री ने कुछ मामलों में परिणामों के बारे में विचार किए बिना ही ताकत, सैन्य शक्ति तथा सैन्य तरीके अपनाने की प्रवृति को लेकर अमेरिका  कुछ अन्य राष्ट्रों की आलोचना भी कीImage result for हिंदुस्तान की यात्रा पर आए मंत्री ने इस बारे में किया विचार

उन्होंने बोला कि यह अपने आप में अस्थिरता का कारण है अफगानिस्तान के पुन:निर्माण में हिंदुस्तान की किरदार पर किए गए सवाल पर रयाबकोव ने कहा, ‘‘ उन सभी राष्ट्रों में जहां हम घरेलू प्रयत्न देख रहे हैं, वहां विकास का मुद्दा सर्वप्रथम मुद्दा होता है   युद्ध जीते जा सकते हैं, लेकिन आर्थिक विकास  सामाजिक स्थिरता में ठोस निवेश के लिए बिना शांति सुनिश्चित नहीं की जा सकती है ’’

उन्होंने पत्रकार सम्मेलन में बोला कि हिंदुस्तान  अन्य राष्ट्र अफगानिस्तान में साजो-समान के एरिया में योगदान के जो कोशिश कर रहे हैं वे ‘अत्यावश्यक’’ है हिंदुस्तान जंग में तबाह हुए अफगानिस्तान के पुन:निर्माण में सक्रियता से भाग ले रहा है हिंदुस्तान ने अमेरिका नीत बलों द्वारा तालिबान को सत्ता से हटाने के बाद से अफगानिस्तान को करीब तीन अरब अमेरिकी डॉलर की मदद की प्रतिबद्धता की है

अफगान शांति बातचीत  तालिबान को वार्ता में शामिल करने के सवाल पर रयाबकोव ने कहा, ‘‘ हम इस राष्ट्र के विषय में हिंदुस्तान की जरूरी किरदार को समझते हैं  रूस स्थिति के शांतिपूर्ण हल  संधि के लिए मॉस्को प्रक्रिया समेत सभी प्रारूपों में किए जा रहे सभी प्रयासों को बढ़ावा देगा ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ अफगानिस्तान पर द्विपक्षीय बातचीत के साथ ही हम हमेशा हिंदुस्तान  इंडियन प्रतिनिधियों का स्वागत करते हैं

रूस  हिंदुस्तान अहम मुद्दों पर करीब से मिलकर कार्य करते हैं उपमंत्री ने दावा किया कि रूस, हिंदुस्तान  कुछ अन्य राष्ट्रों ने जिन चीजों को प्रोत्साहित किया, उसे कुछ राष्ट्रों ने अलग तरीके से प्रचारित किया ये एक ‘कृत्रिम प्रतिस्पर्धा है ’’ बताते चलें कि हिंदुस्तान ने नवंबर में मास्को में अफगान शांति प्रक्रिया पर हुए एक सम्मेलन में अपने दो पूर्व राजनयिकों को ‘अनौपचारिक’ हैसियत से भेजा था