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 हर वर्ष निरीक्षकों द्वारा पकड़े जाते हैं इतने औसतन नकली कीटनाशक

देश में नकली कीटनाशक विक्रेता बड़े पैमाने पर सक्रिय हैं. हर वर्ष औसतन 1,665 नकली कीटनाशक निरीक्षकों द्वारा पकड़े जाते हैं. पिछले तीन वर्ष में 4,949 नकली कीटनाशक पकड़े गए  1,936 मामलों में अभियोग प्रारम्भ किया गया. कृषि मंत्रालय के मुताबिक कीटनाशी अधिनियम के तहत कीटनाशकों की गुणवत्ता परखने के लिए केंद्र  राज्य गवर्नमेंटद्वारा साझा निगरानी की जाती है. देशभर में इसके लिए 182 प्रयोगशालाएं हैं तथा 10,354 कीटनाशक निरीक्षक नियुक्त हैं, जो सभी ब्रांड के नमूने साल भर में जुटाकर परीक्षण कराते हैं. Image result for  नकली कीटनाशक

इन नमूनों में मानक का उल्लंघन करने  कीटनाशक के नकली होने की सच सामने आती है. ऐसी स्थिति में गवर्नमेंट द्वारा अभियोग चलाया जाता है. नकली पाए जाने पर कीटनाशी अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जाता है, जबकि गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं होने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ) के तहत कार्रवाई की जाती है. पिछले तीन वर्ष में नकली कीटनाशकों के सर्वाधिक मामले उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, हरियाणा, पंजाब  उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में सामने आए हैं.

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चार लाख से ज्यादा नमूने परखे

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2016-18 तक राज्य सरकारों द्वारा 1,92,043 नमूने लिए गए. इनमें से 4,864 नमूने नकली पाए गए  1,906 के विरूद्ध  अभियोग प्रारम्भ किया गया. इस अवधि में केंद्र द्वारा लिए गए नमूनों में 85 नकली पाए गए, जिनमें से 30 के विरूद्ध  मुकदमा प्रारम्भ किया गया है. हालांकि मंत्रालय द्वारा यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कौन सी कंपनी की नकल सबसे ज्यादा मार्केट में है. केंद्र का कहना है कि यह जानकारी राज्यों द्वारा मुहैया कराई गई सूचना में नहीं दी गई. गुणवत्ता के मामले में चार लाख से भी ज्यादा कीटनाशकों के नमूनों को परखा गया. गत तीन वर्ष में इनमें से 20,902 नमूने मानक रहित पाए गए  13,597 मामलों में कार्रवाई प्रारम्भ कर दी गई है.

नुकसान से बचाव को चौकन्ने रहें किसान

गवर्नमेंट का कहना है कि कीटनाशकों का पंजीकरण मानव, पशु  पर्यावरण पर पड़ने वाले असर तथा सुरक्षा पर विचार करने के बाद किया जाता है. पंजीकरण समिति कीटनाशकों पर लेबल लगाने के साथ सुरक्षित उपयोग की जानकारी स्पष्ट करने को कहती है. इसका अनुपालन सभी कंपनियों को करना रहता है, ताकि किसान कीटनाशकों का सुरक्षित उपयोग करें.इसके बाद निरीक्षकों द्वारा गुणवत्ता मानक  नकल की निगरानी तथा धर-पकड़ की जाती है. मंत्रालय के एक ऑफिसर के मुताबिक किसानों को कीटनाशक विश्वसनीय स्थानों से लेनी चाहिए  संभावना होने पर कृषि अधिकारियों या निरीक्षकों को सूचित करना चाहिए. ताकि फसल ही नहीं, अन्य नुकसानों से भी बचाव के लिए तत्काल कदम उठाया जा सके.

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