Friday , January 18 2019

दिल्ली में कांग्रेस पार्टी को दिखने लगी है सत्ता की वापसी

पांच राज्यों के चुनाव नतीजों से राजधानी के कांग्रेसी गदगद हैं. तीन राज्यों में कांग्रेस पार्टी की गवर्नमेंट बनने से उनमें उत्साह है  वे अब दिल्ली में भी अकेले दम पर चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोकने के लिए तैयार हैं. उनका मानना है कि कांग्रेस पार्टी का जनाधार पहले ही बढ़ा है  अब लोगों को लगने लगा है कि कांग्रेस पार्टी ही दिल्ली को सही दिशा दे सकती है. वहीं कांग्रेस पार्टी के ऐसे नेता भी हैं, जो मानते हैं कि दिल्ली अभी दूर है. यदि लोकसभा चुनावों में आप से समझौता नहीं हुआ तो सभी सातों सीट हाथ से निकल सकती है. Image result for दिल्ली में कांग्रेस पार्टी को दिखने लगी है सत्ता की वापसी

कुछ अरसा पूर्व तक कांग्रेस पार्टी को बहुत ज्यादा निर्बल माना जा रहा था. तीन राज्यों में कांग्रेस पार्टी की जीत से राजधानी में भी यह संदेश गया कि कांग्रेस पार्टी कभी समाप्त होने वाली पार्टी नहीं है. कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों के बाद एमसीडी और विधानसभा के उपचुनावों में अपनी हालत में सुधार किया है. उसका खिसका वोट बैंक वापस आया है.  यही कारण है कि कांग्रेस-आप के बीच साझेदारी के कयास लगे जिसका आप ने कभी खंडन नहीं किया, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने जरूर खुलकर विरोध किया. कांग्रेस पार्टी का एक धड़ा बीजेपीको सत्ता से दूर करने के लिए साझेदारी के पक्ष में था. प्रदेश कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष अजय माकन इस मुद्दे को लेकर त्यागपत्र तक दे चुके हैं, यह अलग बात है कि उनका त्यागपत्र अभी भी स्वीकार नहीं हुआ. हालांकि माकन ने इसके पीछे सेहत को कारण बताया है.

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भाजपा भी नहीं चाहती कि दोनों में साझेदारी हो. बीजेपी नेता भले ही ऊपरी तौर कह रहे हैं कि साझेदारी होने से यह संदेश जाएगा कि दोनों पार्टियों पहले ही मिली हुई हैं. लेकिन दबे जुबान में वे भी मानते हैं कि इस साझेदारी के बाद उनके लिए सातों सीट पर जीत हासिल करना सरल नहीं होगा, क्योंकि दोनों के बोट बंटने से ही बीजेपी को लाभ होगा.  मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव नतीजों से कांग्रेसी नेता उत्साह में हैं  उनका मानना है कि अब दिल्ली में भी कांग्रेस पार्टी अपना खोया हुआ जनाधार पुन: हासिल कर लेगी. वहीं कुछ ऐसे भी नेता है कि जो बीजेपी को हराने के लिए आप से साझेदारी के पक्ष में है. उनका मानना है कि अब कांग्रेस पार्टी की स्थिति उस हालत में हो गई है कि आप पार्टी से अपनी शर्तों पर साझेदारी कर सके.  कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सीलिंग अभियान के चेयरमैन मुकेश शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि आप से साझेदारी का कोई सवाल ही नहीं है. कांग्रेस पार्टीदिल्ली में भी अन्य राज्यों की तरह प्रदर्शन करेगी.

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