Wednesday , December 19 2018
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एडिलेड में होने वाले मैच से पहले हम आपको लिए चल रहे है फ्लैशबैक में

टेस्ट सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा हम हिन्दुस्तानी नींद से जाग रहे होंगे तभी विराट कोहली की अगुवाई में हमारी भारतीय टीम एडिलेड के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच खेलना प्रारम्भ कर देगी कुछ क्रिकेटप्रेमी मैच के हर गेंद का आनंद लेने के लिए प्रातः काल साढ़े पांच बजे ही टीवी स्क्रीन के सामने आंखें टिका देंगे पिछले कुछ दशक में के बीच टेस्ट सीरीज में एक अलग लेवल का आनंद देखने को मिलता है एडिलेड में होने वाले मैच से पहले हम आपको फ्लैशबैक में लिए चल रहे हैं रोमांच के हिसाब से अगर पिछले दो दशक में इंडियन टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे की तुलना करें तो 2003-05 की सीरीज जेहन में याद आती है सौरव गांगुली की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया गई भारतीय टीम ने कई ऐसे कारनामे किए थे, जो सदियों तक याद रखने लायक हैं आइए ऑस्ट्रेलिया के विरूद्ध टेस्ट मैच देखने से पहले 2003 के सीरीज की अच्छी यादें एक बार फिर जेहन में ताजा करते हैं यहां हम भारतीय टीम की बैटिंग पक्ष की बातें कर रहे हैंRelated image

गांगुली का दिखा था सेनापति अवतारसीरीज का पहला मैच ब्रिसबेन के मैदान पर खेला जा रहा था ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग करते हुए जस्टिन लैंगर के 121 रनों की बदौलत 323 रन बनाए थे पहली पारी में बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम ने महज 62 रनों के स्कोर पर वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़  सचिन तेंदुलकर पवेलियन लौट चुके थे भारतीय फैंस के चेहरे पर मायूसी आ चुकी थी जेसन गिलेस्पी, नॉथन ब्रेकन  एंडी बिकल की तीकड़ी गांगुली को लगातार शॉट पिच गेंदें डाल रहे थे ज्यादातर गेंदें इस तरह से पटकी जा रही थी कि उनकी लेंथ कमर से ऊपर थी यह सब देखकर मन में चल रहा था कि कप्तान सौरव गांगुली भी जल्दी ही आउट हो जाएंगे, क्योंकि हिंदुस्तान के कप्तान की बैटिंग में यही कमी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ सौरव गांगुली ने क्रीज पर ऐसे पांव जमा लिए जैसे किसी युद्ध में सेनापति तलवार भांजते हुए विरोधी खेमे में हड़कंप मचा देता है गांगुली ने 144 रनों की पानी खेलकर वीवीएस लक्ष्मण (75 रन) के साथ गठबंधन करके टीम को कठिन घड़ी से बाहर निकाल ले गए गांगुली की इस पारी की बदौलत भारतीय टीम पहली पारी में 409 रन बना पाई आखिरकार यह मैच ड्रॉ पर समाप्तहुआ क्रिकेट एक्सपर्ट मानते हैं कि गांगुली की इस पारी से न केवल हिंदुस्तान मैच बचा पाया बल्कि, भारतीय टीम के अन्य बल्लेबाजों के मन से ऑस्ट्रेलियाई पिच को लेकर भय भी समाप्त हो गया इसका प्रभाव सीरीज के सारे मैचों में दिखने को मिला

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राहुल द्रविड़ ने संसार को सिखाया कैसे हारेंगे कंगारू1990-2000 के दशक में ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत की गारंटी मानी जाती रही संसार की ज्यादातर टीमें ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के सामने सरेंडर करते दिखते थे ऐसे में 2003-04 की सीरीज में राहुल द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलियाई बॉलरों की जमकर समाचार ली द्रविड़ ने अपनी पारियों से संसार को बता दिया कि अगर कंगारूओं को उनकी धरती पर हराना हो तो उसकी तरकीब क्या है सीरीज का पहला मैच ड्रॉ होने से ऑस्ट्रेलिया की टीम दूसरे मुकाबले में जीत के प्रति भूखी दिखी कप्तान रिकी पोंटिंग ने 242 रनों की इनिंग खेलकर पहली पारी में 556 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया जब भारतीय टीम की पारी प्रारम्भ हुई तो वीरेंद्र सहवाग (41 बॉल 47 रन) ने आकाश चोपड़ा (27) के साथ तेज आरंभ की, लेकिन जल्दी ही भारतीय टीम ने 85 रनों के स्कोर पर टॉप के 4 विकेट गंवा चुकी थी तभी राहुल द्रविड़  वीवीएस लक्ष्मण की जोड़ी ऑस्ट्रेलियाई बॉलरों पर टूट पड़े दोनों ने तेज गेंदों पर डिफेंस गति से भटकी बॉल पर कलाई घुमाकर चौके जड़कर कंगारू टीम के हौसले पस्त कर दिए द्रविड़ के 233  लक्ष्मण के 148 रनों की पारी बदौलत भारतीय टीम ने 523 रन बनाए मैच की चौथी पारी में राहुल द्रविड़ ने 72 रनों की पारी खेलकर भारतीय टीम को 4 विकेट से जीत दिला दी इसके अतिरिक्त द्रविड़ ने तीसरे मैच में 49  91  चौथे मैच में 38  91 रनों की पारी खेली क्रिकेट के स्टूडेंट्स इन मैचों का वीडियो देखकर द्रविड़ से सीख सकते हैं आउट स्विंग  उछाल लेती बॉल का डिफेंस कैसे किया जाता है

सहवाग ने सिखाया कंगारू बॉलरों की धुनाई2003 की सीरीज में भारतीय टीम के अच्छे प्रदर्शन में ओपनर वीरेंद्र सहवाग की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का बहुत ज्यादा सहयोग रहा इससे पहले भारतीय टीम जब कभी ऑस्ट्रेलियाई पिच पर खेलती तो सलामी बल्लेबाज डिफेंसिव मूड में खेलते इस वजह से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज आरंभ से ही भारतीय टीम पर हावी हो जाते थे 2003 के सीरीज में ओपनिंग करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग अटैक को आरंभ में ही तहस-नहस करते दिखे थे, जिससे मिडिल ऑर्डर को क्रीज पर पांव जमाने के पर्याप्त मौके मिले पहले मैच में सहवाग ने 51 गेंदों में 45 रन बनाकर जो इरादे दिखाए थे उसे पूरी सीरीज में कायम रखा था दूसरे मैच की दोनों पारियों में सहवाग ने 47-47 रनों की पारी खेली थी मेलबर्न में खेले गए तीसरे मैच में सहवाग ने 195 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली इस पारी में वीरू ने 25 चौके  5 छक्के जमाए वह छक्का जमाने के फेर में ही अपना विकेट भी गंवाए चौथे मैच में सहवाग ने 72  47 रनों बनाए थे इन सभी पारियों में सहवाग का स्ट्राइक रेट 80 से ज्यादा का रहा इन पारियों की बदौलत सहवाग ने जता दिया था कि ऑस्ट्रेलियाई बॉलर अलग नहीं हैं, उनकी भी धुनाई की जा सकती है

कैसे भूला जा सकता है लक्ष्मण का क्लासचार मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुई थी, जो हिंदुस्तान के लिहाज से जीत थी टीम के इस प्रदर्शन में वीवीएस लक्ष्मण का अहम भूमिका रहा लक्ष्मण ने पूरी सीरीज के हर कठिन घड़ी में भारतीय टीम के खेवनहार बने ऑस्ट्रेलियाई बॉलर जब उन्हें अंदर की तरफ आती गेंदें डालते तो वे उसे वहीं जमीन में डिफेंस कर देते, वहीं बाहर जाती बॉल का कलाई के सहारे दिशा दे देते उनकी इस टेक्निक के सामने ऑस्ट्रेलियाई बॉलर बेबस दिखे थे पहले मैच में जब गांगुली ने मोर्चा संभाल तो लक्ष्मण (75 रन) उनके छोटे भाई की किरदार में दिखे दूसरे मैच में राहुल द्रविड़ ने 233 रनों की पारी खेली तो दूसरे छोर से लक्ष्मण ने 148 रन बनाए थे दूसरी पारी में भी लक्ष्मण ने 32 रन बनाए थे तीसरे मैच में असफल होने के बाद टीम के लक्ष्मण ने चौथे मैच की पहली पारी में 148 रनों की पारी खेलकर अपने क्लास का एक  नमूना पेश किया था

आखिर में सचिन ने दिखाई अपनी महानतासीरीज की शुरुआती तीन मैचों में सचिन तेंदुलकर का बल्ला पूरी तरह चुपचाप रहा तीन मैचों की छह पारियों में एक बार भी 50 का आंकड़ा पार नहीं कर पाए आखिरी मैच में सचिन तेंदुलकर ने 241 रनों की पारी खेलकर अपनी महानता साबित की इस पारी में सचिन 33 चौके जमाए उन्होंने एक बार फिर से ऑस्ट्रेलियाई बॉलरों की गेंदों को जहां चाहा वहां बाउंड्री के पार भेजा सचिन की इस पारी  लक्ष्मण (178 रन) की पारी की बदौलत भारतीय टीम ने पहली पारी में 705 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर पाया हालांकि यह मैच ड्रॉ पर समाप्तहुआ लेकिन सचिन की बैटिंग को आज तक याद किया जाता है

यह टेस्ट सीरीज 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुई थी, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ था कि भारतीय टीम के इतने सारे बैट्समैन ने ऑस्ट्रेलियाई धरती पर एक सीरीज में प्रदर्शन किया था सीरीज में पहली बार भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने कंगारू बॉलरों की आंखों में आंखे डालकर शॉट्स लगाते दिखे थे क्रिकेट के जानकार मानते हैं कि इस सीरीज के बाद से इंडियनटीम ऑस्ट्रेलियाई धरती पर बेखौफ होकर खेलती आ रही है

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