Saturday , February 23 2019
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कर्नाटक के ‘पक्षीराज’ हैं चिकित्सक विश्वनाथ

रजनीकांत-अक्षय स्टारर फिल्म 2.0 रिलीज होने के बाद से ही बॉक्स कार्यालय पर नए कीर्तिमान बना रही है वहीं, इस फिल्म में तकनीकी विकास से पक्षियों के अस्तित्व पर बढ़ रहे खतरे के मुद्दे को भी उठाया गया है पक्षियों की प्रजातियों पर तकनीक के विकास के साथ ही शिकार और अन्य खतरे भी उनके विलुप्त होने के लिए एक बड़ा कारण हैं इन सबके बीच कर्नाटक में एक ऐसा आदमी सामने आया है जो पक्षियों से अपने बच्चों जैसा ही प्यार करता हैं वहीं, उनके इस प्यार को देख लोग उन्हें पिल्म 2.0 के पक्षी राजन के नाम से भी बुलाने लगे हैं  Related image

पेशे से हैं सरकारी पशु चिकित्सक
दरअसल, कर्नाटक के गुलबर्ग शहर के विश्वनाथ हेग्गा पेशे से पशुओं के चिकित्सक हैं  उन्हें पक्षियों से अपार प्रेम है गुलबर्ग में पशु डॉक्टर विश्वनाथ हेग्गा ने अपने इस पक्षी प्रेम के बारे में बताया कि मुझे पक्षियों से पहली बार प्यार तब हुआ, जब मुझे न्यूजीलैंड का एक पक्षी मिला विश्वनाथ ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग राष्ट्रों की अलग-अलग 29 प्रजातियों के तोतों को एकत्रित किया है साथ ही इन प्रजातियों को संरक्षित कर उनके नस्ल को बढ़ाने का भी कोशिश कर रहा हूं उन्होंने बताया कि मैं राज्य गवर्नमेंट में एक सरकारी पशु डॉक्टरहूं मेरे पास काकातुआ समेत कई प्रजातियों के तोते हैं

29 प्रजातियों के तोतों का कर रहे हैं संरक्षण
विश्वनाथ ने बताया कि इन प्रजातियों के संरक्षण के साथ ही मैं उन्हें ट्रेनिंग भी देता हूं उन्होंने बोला कि तोते एक ऐसी प्रजाति होते हैं जो इंसान की बोली की नकल कर सकते हैं मैं उन्हें बोलने की ट्रेनिंग के साथ  चीजों का प्रशिक्षण देता हूं उन्होंने बताया कि हमने सभी पक्षियों के नाम रखे हैं  वे सभी उनके नाम बुलाने पर रिएक्शन देते हैं उन्होंने बताया कि इन प्रजातियों को ब्राजील से इंपोर्ट कर लाया गया सेरेलेक खिलाया जाता है इन्हें दिन में चार बार भोजन दिया जाता है विश्वनाथ ने बताया कि मेरे साथ ही मेरा परिवार भी इन पक्षियों से बहुत प्यार करता है

2.0 फिल्म में भी उठाया है मोबाइल रेडिएशन का मुद्दा
हाल ही में रिलीज हुई 2.0 फिल्म में भी पक्षियों के संरक्षण से जुड़े मुद्दे को उठाया गया है फिल्म में अक्षय कुमार एक पक्षीराज की किरदार में हैं जो लोगों को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड रेडिएशन (ईएमएफ) के असर से लोगों की जागरूक करता है फिल्म में दिखाया गया है कि रेडिएशन के असर से पक्षियों की मौत हो रही है फिल्म साफ संदेश देती है कि सेलफोन टॉवर से निकलने वाले रेडिएशन से पक्षी काल के गाल में समा रहे हैं फिल्म में दावा किया गया है कि जो भी सेलफोन का यूज करता है, वह पक्षियों का किलर है कई विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में जहां मोबाइल टॉवर की संख्या काफी है, वहां इनसे निकलने वाले विकरण पक्षियों के लिए तनावपूर्ण स्थितियां पैदा करते हैं

जूही चावला कई वर्षों से चला रही हैं मुहिम
बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला मेहता मोबाइल टॉवर रेडिएशन को मुद्दे को लेकर सुप्रीम न्यायालय जा चुकी हैं जूही ने अपनी याचिका में सेहत खतरों को कम से कम करने के लिए रेडिएशन को कम करने के नियमन तय किए जाने की अपील की थी इससे पहले, फरवरी माह में जूही चावला ने मोबाइल फोन की 5जी तकनीक को लेकर चिंता जताते हुए महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस को लेटर लिखा था उन्होंने मोबाइल टॉवर एंटीना तथा वाईफाई हॉटस्पॉट से निकलने वाली इलेक्ट्रोमेग्नेटिक रेडिएशन (ईएमएफ) के कारण स्वास्थ्य को पहुंचने वाले नुकसान के प्रति चेतावनी दी थी