Saturday , November 17 2018
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आरएसएस के एक व वरिष्ठ नेता ने राम मंदिर को लेकर भाजपा से अध्यादेश लाने की मांग

चुनाव के आते ही राम मंदिर मुद्दा एक बार ​फिर गरमा गया है. सुप्रीम न्यायालय ने राम मंदिर पर नियमित सुनवाई को जनवरी तक टाल दिया है. सुनवाई टलने के बाद आरएसएस, वि​श्व हिंदू परिषद जैसे गवर्नमेंट के समर्थक संगठन राम मंदिर निर्माण को लेकर उस पर दवाब बना रहे हैं. कुछ दिनों पहले ही आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा गवर्नमेंट से बोला था कि वह इस मामले में अध्यादेश लाए. अब आरएसएस के एक  वरिष्ठ नेता ने भी राम मंदिर को लेकर भाजपा से अध्यादेश लाने की मांग की.

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न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, आरएसएस के वरिष्ठ नेता भैयाजी जोशी ने बोला कि राम सबके दिल में रहते हैं लेकिन वो मंदिरों में प्रकट होते हैं. हम चाहते हैं कि राम मंदिर बने.उन्होंने बोला कि मंदिर निर्माण में कुछ बाधाएं हैं  हमें ऐसी उम्मीद है कि कोर्ट हिंदू भावनाओं को समझते हुए अपना निर्णय सुनाएगा. भैयाजी ने न्यायालय में राम मंदिर की नियमित सुनवाई टलने को लेकर बोला कि न्यायालय के लिए राम मंदिर मुद्दा अग्रिम क्रम में नहीं आता है. अगर इस पर जल्दी ही फैसला नहीं आता, तो राम मंदिर पर अध्यादेश लाना ही होगा. उन्होंने बोला कि आज नहीं तो कल गवर्नमेंट को इस मसले पर निर्णय लेना ही होगा.

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बता दें कि भैयाजी ने यह बात आरएसएस के कार्यकारिणी मंडल की मीटिंग की समीक्षा के बाद राम मंदिर को लेकर एक सवाल के जवाब में कही. समीक्षा की जानकारी देते हुए भैयादी ने बताया कि इस समय राष्ट्र भर के 35000 से ज्यादा गांवों में आरएसएस के स्वयं सेवक कार्य कर रहे हैं, वहीं 55 हजार से ज्यादा शाखाएं देशभर में चलाई जा रही हैं.

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