Wednesday , November 21 2018
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एमजे अकबर को त्याग पत्र देने का आदेश दे सकती है -बीजेपी

विदेश से लौटने के बाद यौन शोषण के आरोपों पर भले ही विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने मीडिया में सफाई दे दी है, मगर उनकी कुर्सी अभी भी कठिन में है. सत्ता के गलियारों में कानाफूसी चल रही है कि बीजेपी नेतृत्व उन्हें नैतिकता के आधार पर खुद ही पद छोड़ने की घोषणा करने का आदेश दे सकता है. 

हालांकि, पार्टी  गवर्नमेंट में एक बड़ा वर्ग यह मानता है कि चूंकि सारे आरोप एमजे अकबर के मंत्री बनने से पहले के हैं, ऐसे में उनके इस्तीफे से पार्टी  गवर्नमेंट की छवि को कोई नुकसान नहीं पहुंचने वाला है.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक अकबर ने फिल्हाल मीडिया के माध्यम से आरोपों पर सफाई दी है. वह जल्द ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष अपनी सफाई देंगे. संभवत: इसी दौरान उन्हें स्वेच्छा से त्याग पत्र देने का आदेश दिया जा सकता है.

वैसे भी उनसे जुड़े आरोपों का सिलसिला प्रारम्भ होते ही शीर्ष नेतृत्व ने उनके भविष्य को ले कर गंभीर मंथन किया था. उस समय तक एमजे की कुर्सी बचती दिख रही थी. तब शीर्ष नेतृत्व ने इस मामले में इंतजार करने का निर्णय किया था. मगर बाद में आरोपों का सिलसिला तेजी से आगे बढ़ा  उनकी स्थिति निर्बल होती चली गई.

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सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के मुताबिक एमजे पर लगे आरोपों का इस गवर्नमेंट से कोई लेना देना नहीं है. सारे आरोप उस समय के हैं जब अकबर पत्रकारिता में सक्रिय थे. ऐसे में इन आरोपों से गवर्नमेंट की छवि पर कोई आंच नहीं आ रही.

हालांकि अब वह गवर्नमेंट में शामिल हैं  आरोपों पर संज्ञान न लेने पर गवर्नमेंट  पार्टी की छवि पर प्रभाव पड़ेगा. संज्ञान न लेने की स्थिति में आरोपों का सिलसिला आगे भी चलता रहेगा. हालांकि भय इस बात का है कि बिना सबूतों के लगाए जा रहे आरोपों का सिलसिला अकबर की विदाई के बाद भी जारी रहा तो मुश्किलें खड़ी होंगी.

आरोपों पर गवर्नमेंट में शामिल कई महिला मंत्री मुखर हैं. केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सार्वजनिक तौर पर आरोपों की जांच की सलाह दी है तो दूसरी वरिष्ठ मंत्री स्मृति ईरानी ने मी टू अभियान मामले में स्त्रियों के साहस की प्रशंसा की है.
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