Wednesday , November 21 2018
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नमाज पढ़ने की प्रयास एवं बवाल के मामले में दिया नोटिस

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की भी गजब कहानी है. सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी मन्नान वानी की जनाजे की नमाज पढ़ने की प्रयास एवं बवाल के मामले में उन लोगों को भी नोटिस दे दिया गया है, जो एएमयू के अब विद्यार्थी ही नहीं हैं. इस भूल का अंदाजा होने के बाद हड़कंप मच गया है. पुलिस अधिकारियों को इस भूल से अवगत करा दिया गया है कि ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय

दो दिन पहले एएमयू प्रशासन द्वारा पीरजादा दानिश साबिर, एयाज अहमद भट्ट, मो सुल्तान खान, रकीब सुल्तान, समीउल्ला रॉदर, शौकत अली लान एवं पीरजादा मेहबुबुल हक को कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा गया था. दिलचस्प पहलू यह है कि इन सात नामों में से 4-5 नाम ऐसे हैं, जो एएमयू से पास आउट हो चुके हैं  वर्तमान समय में एएमयू के विद्यार्थी नहीं हैं.
सूत्रों से मालूम हुआ है कि इसमें से दो पूर्व विद्यार्थी वर्तमान समय में जॉब कर रहे हैं. एएमयू के अधिकारियों का कहना है कि प्रॉक्टर कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा गलत रिपोर्ट देने के कारण यह भूल हुई है. निर्दोष युवकों के  साथ नाइंसाफी न हो, इसके लिए एएमयू के अधिकारियों ने पूरे प्रकरण से पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया है.

हालांकि, इस विषय में कोई खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है. एएमयू पीआरओ कार्यालय के एमआईसी प्रो शाफे किदवई भी इससे बेखबर हैं. उनका कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है. तमाम विद्यार्थियों को नाम, भूमिका नंबर, हॉल एवं उनके पिता आदि के नाम के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

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