Wednesday , December 19 2018
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भारत की विदेश नीति में अफ्रीका को शीर्ष प्राथमिकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से तीन अफ्रीकी देशों के दौरे पर जा रहे हैं। पीएम के इस दौरे के दौरान भारत ब्रिक्स के तहत पहले महाद्वीप में द्विपक्षीय व उसके बाद बहुपक्षीय संवाद स्थापित करेगा। विदेश मंत्रालय ने उनके इस दौरे को लेकर जारी एक बयान में बताया कि ‘रवांडा, युगांडा और दक्षिण अफ्रीका के दौरे से अफ्रीका महाद्वीप के साथ हमारा संबंध व मजबूत होगा’। पिछले कुछ सालों में अफ्रीकी राष्ट्रों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में जरूरी अनुबंध हुआ है। पिछले चार वर्ष में हमारे राष्ट्र के राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति व पीएम अफ्रीका के 23 दौरे कर चुके हैं। मोदी अपने रवांडा दौरे के दौरान रवांडा के राष्‍ट्रपति को अनमोल तोहफा देने की तैयारी में हैं। । यह किसी इंडियन पीएम की पहली रवांडा यात्रा होगी।

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भारत की विदेश नीति में अफ्रीका को शीर्ष प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय का कहना है कि ‘भारत की विदेश नीति में अफ्रीका को शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। ‘ रवांडा व युगांडा के दौरे के दौरान रक्षा व कृषि एरिया में योगदान मोदी की प्राथमिकता होगी। इसके बाद वह ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चाइना व दक्षिण अफ्रीका) के सालाना शिखर सम्मेलन में भाग लेने दक्षिण अफ्रीका जाएंगे। पीएम मोदी के अफ्रीका का यह दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वह 2016 में मोजाम्बिक, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया व केन्या के दौरे पर गए थे। पीएम 23 जुलाई को रवांडा पहुंचेंगे। पहली बार हिंदुस्तान के किसी पीएम का यह रवांडा का दौरा होगा।

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भारत ने रवांडा के साथ अपने रिश्तों को मजबूत किया है। इसे पूर्वी अफ्रीका के प्रवेश-द्वार के रूप में देखा जा रहा है व इसी के मद्देनजर पिछले वर्ष जनवरी में हिंदुस्तान ने रवांडा के साथ रणनीतिक गठबंधन की। पीएम के इस दौरे की जानकारी मीडिया को देते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) टी। एस। तिरुमूर्ति ने जानकारी दी थी, ‘भारत बहुत जल्द रवांडा में अपना पहला मिशन प्रारम्भ करेगा। रवांडा के लिए हिंदुस्तान के वर्तमान उच्चायुक्त का आवास युगांडा के कंपाला में है। ‘ हिंदुस्तान ने रवांडा को 40 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया है व वहां हिंदुस्तान की ओर से प्रशिक्षण छात्रवृति प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं।

दो करार पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद
मोदी के इस दौरे के दौरान दो करार पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है जिसमें एक औद्योगिक पार्क के लिए 10 करोड़ डॉलर व इतनी ही राशि कृषि व सिंचाई परियोजना के लिए प्रदान की जाएगी। तिरुमूर्ति ने बताया था कि “हम रक्षा, डेयरी सहयोग, चमड़ा, कृषि व संस्कृति के एरिया में भी अनुबंध होने की उम्मीद करते हैं। ” रवांडा में मोदी रवेरु मॉडल गांव का दौरा करेंगे व राष्ट्रपति कागामे के निरीक्षण में चलने वाले प्रोग्राम में हिस्सेदारी के तौर पर 200 गायों का उपहार प्रदान करेंगे। वहां गवर्नमेंट की ओर से निर्धनतम परिवारों को डेयरी के लिए गाएं दी जाती है व भाईचारा बढ़ाने के लिए गौ माता की पहली बछिया लोग अपने पड़ोसी को उपहार के रूप में देते हैं।

रवांडा से मोदी 24 जुलाई को युगांडा पहुंचेंगे, जो पिछले 21 वर्ष में इंडियन पीएम का पहला द्विपक्षीय दौरा होगा। तिरुमूर्ति ने बताया कि हिंदुस्तान व युगांडा के बीच रक्षा योगदान बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण पर ध्यान दिया जाएगा। वहां जिंजा में 2010 से इंडियन सेना का प्रशिक्षण दल तैनात है।

युगांडा के राष्ट्रपति योवेई मुसेवेनी से मुलाकात
युगांडा के राष्ट्रपति योवेई मुसेवेनी से मुलाकात व प्रतिनिधि स्तरीय बातचीत के बाद मोदी हिंदुस्तान व युगांडा के संयुक्त व्यापार प्रोग्राम में शिरकत करेंगे। हिंदुस्तान के पीएम पहली बार युगांडा की संसद को संबोधित करेंगे। पीएम युगांडा में इंडियन समुदाय के सदस्यों को भी संबोधित करेंगे। तिरुमूर्ति ने कहा, “हमें उम्मीद है कि युगांडा को बिजली लाइन व सब-स्टेशन के लिए 14.1 करोड़ डॉलर व कृषि और डेयरी उत्पादन के लिए 6.4 करोड़ डॉलर प्रदान किए जाएंगे। ” मोदी अपने दौरे के आखिर में 25 जुलाई को युगांडा से दक्षिण अफ्रीका पहुंचेंगे। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अलावा, मोदी फरवरी में दक्षिण अफ्रीका की सत्ता संभालने वाले राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।

दक्षिण अफ्रीका में 10वां शिखर सम्मेलन
दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स नेताओं का 10वां शिखर सम्मेलन हो रहा है, जिसका विषय ‘चतुर्थ औद्योगिक क्रांति में समावेशी विकास व साझी समृद्धि के लिए विकासशील राष्ट्रों का सहयोग’ रखा गया है। ब्रिक्स सम्मेलन में अफ्रीकी राष्ट्रों के आमंत्रित समूह में रवांडा, युगांडा, टोगो, जांबिया, नामीबिया, सेनेगल, गैबन, इथोपिया, अंगोला व अफ्रीकन यूनियन चेयर शामिल हैं। अन्य आमंत्रित राष्ट्रों में अर्जेटीना, तुर्की, इंडोनेशिया, जमैका व मिस्र शामिल हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर मोदी वहां चाइना के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करेंगे । यह दोनों नेताओं के बीच एक वर्ष के भीतर तीसरी मुलाकात होगी।

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