Wednesday , November 21 2018
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पर्दे में छुपा था राज, क्‍या है ये अनोखा मामला

पर्दे में छुपा था राज

घूंघट, पर्दा या बुर्का कुछ भी कहिए कैसे एक विवाह शुदा जोड़े की जिंदगी में तूफान ला सकता है इसका नमूना हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद में देखने को मिला. यहां एक आदमी ने अपनी नवविवाहिता को तलाक देने के लिए न्यायालय में याचिका दायर की. उसने इस तलाक की जो वजह बताई वो वाकई दंग कर देने वाली है. साथ ही पर्दे में छुपे चेहरे को लेकर कैसी अनोखी परेशानियां हो सकती हैं इसका सबूत है. हांलाकि ने न्यायालय ने मामले को खारिज कर दिया है.

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क्‍या है ये अनोखा मामला

समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपनी एक रिर्पोट में बिना नाम जाहिर किए बताया है कि दरसल गुजरात के अहमदाबाद की पारिवारिक न्यायालय में एक आदमी की तलाक की याचिका को खारिज कर दिया गया है. तलाक के आधारों का जिक्र करते हुए याचिका में बोला गया है कि उसकी पत्‍नी के चेहरे पर दाढ़ी है. इसके अतिरिक्त पत्‍नी की आवाज भी मर्दों जैसी बताई गई है. याचिकाकर्ता का कहना था कि पत्‍नी के परिवार ने विवाह से पहले उसे धोखा दिया व ये नहीं बताया कि महिला के चेहरे पर बाल हैं व उसकी आवाज मर्दों की तरह है. उसने ये भी स्‍पष्‍ट किया कि उसे विवाह के पहले क्‍यों नहीं पता चला कि असलियत क्‍या है.

नहीं देखा चेहरा

पति का कहना था कि उसके समाज की प्रथा के चलते विवाह से पहले जब उसकी पत्‍नी से मुलाकात हुई तो उसका चेहरा पर्दे में छुपा थ्‍ज्ञा व वो नहीं देख पाया कि चेहरे पर बाल हैं या नहीं. जब विवाह हुई तब भी पत्‍नी घूंघट में थी व परिवार के लोगों से घिरे होने के कारण वे बात नहीं कर चुके व आवाज का भी पता नहीं चला. विवाह के बाद जब पत्‍नी का चेहरा देखा तो मेकअप में बाल दिखाई नहीं दिये व सात दिन बाद वो अपने कार्य पर शहर से बाहर चला गया. लौटने पर उसे पता चला कि पत्‍नी के चेहरे पर दाढ़ी है व आवाज भी बहुत ज्यादा मर्दानी हैं.

पत्‍नी ने बोला गलत है आरोप

इस बीच याचिका की पत्नी ने बोला है कि ये आरोप दरसल गलत हैं उनके चेहरे पर हॉरमोन की समस्‍या के चलते कुछ बाल जरूर हैं पर उन्हें इलाज के जरिये हटाया जा सकता है. सच्‍चाई दरसल ये है कि उनके पति उन्‍हें अपने घर से निकालना चाहते हैं इसीलिए ये बेबुनियाद बातें कर रहे हैं. उसने ये भी दावा किया कि उसे दहेज के लिए ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा है व मारपीट भी की जा रही थी. बहरहाल इसके बाद न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी व बोला कि इस आधार पर तलाक नहीं दिया जा सकता. न्यायालय ने ये भी बताया की याचिका दायर करने के बावजूद कई बार सुनवाई पर पति व उनके एडवोकेट दोनों ही नदारद रहे.

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